जंतर-मंतर आंदोलन का असर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों ने बताया संघर्ष की जीत
नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में परीक्षा विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि बताया।
पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर हजारों छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान कई राज्यों में प्रदर्शन हुए और विपक्षी दलों ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे अपने संघर्ष की पहली बड़ी जीत बताया। कई राजनीतिक दलों ने भी इसे छात्रों की आवाज की जीत बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई।
इसी बीच आज 25 जुलाई को देशभर में कारगिल विजय दिवस भी मनाया जा रहा है। यह दिन देश के शहीदों के सम्मान और उनके अदम्य साहस को नमन करने का अवसर है। संयोग से आज ही विश्व भ्रूण दिवस (World IVF Day) और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन भी है।
उत्तराखंड की वरिष्ठ लेखिका अंजुम क़ादरी का भी आज जन्मदिवस है। इस अवसर पर उनकी पंक्तियां छात्रों के संघर्ष से जुड़कर नई ऊर्जा देती हैं—
“जंतर मंतर से उठी जो सदा है,
उसमें तेरे जज़्बे की अदा है।”
देशभर के छात्रों का कहना है कि यह इस्तीफा अंत नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक नई शुरुआत है।

