जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग, सपा नेताओं ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
मिलक। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने शनिवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार मिलक को सौंपा। उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और मामले का समाधान नियमानुसार किए जाने की मांग की।
पूर्व सभासद इकरार हुसैन के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता एकत्र होकर जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में नारेबाजी की और धरना दिया। उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान द्वारा लगभग 20 वर्ष पहले स्थापित इस विश्वविद्यालय में गरीब, मजदूर और बेसहारा बच्चों को शुल्क में रियायत देकर शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां सभी धर्मों और वर्गों के छात्र अध्ययन कर रहे हैं। सपा नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय के भवनों का मानचित्र निर्माण के समय ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा तथा बाद में बने मेडिकल कॉलेज का मानचित्र जिला पंचायत से स्वीकृत कराया गया था। उनका कहना है कि वर्ष 2024 में रामपुर विकास प्राधिकरण ने अपना क्षेत्राधिकार बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया और 15 दिन के भीतर भवन न हटाने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। नेताओं ने मांग की कि यदि मानचित्र से संबंधित कोई त्रुटि है तो उसका समाधान विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया जाए, न कि विश्वविद्यालय को ध्वस्त किया जाए ज्ञापन पर पूर्व सभासद इकरार हुसैन, फैसल खान, मोहम्मद असलम, जीशान रजा खान, विजयपाल यादव, राजू गुप्ता, नन्हें कादरी, आसिम रजा खान, इमरान बाबा, फरहत मियां, मोहम्मद आसिफ, यूनुस अंसारी, रिहान अल्वी, सुनील यादव, इकबाल अंसारी, अशरफ रजा, बॉबी यादव, बजरुद्दीन अंसारी, नाजिम वारसी, हाजी सईदुल रहमान, सफदर अली, एजाज खान, मोहम्मद इरफान, इकराम खान सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।।

