उधम सिंह नगर में हाईटेक रोडवेज निर्माण पर अतिक्रमण का ग्रहण, प्रशासन की कार्रवाई मुनादी तक सीमित भीषण गर्मी के बाद अब मानसून की चुनौती, यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार
उधम सिंह नगर में हाईटेक रोडवेज निर्माण पर अतिक्रमण का ग्रहण, प्रशासन की कार्रवाई मुनादी तक सीमित
भीषण गर्मी के बाद अब मानसून की चुनौती, यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
उधम सिंह नगर। जनपद में वर्षों से प्रस्तावित हाईटेक रोडवेज बस अड्डे का निर्माण अतिक्रमण की वजह से अब भी अधर में लटका हुआ है। प्रशासन ने 23 जून को अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी कराकर संबंधित लोगों को 27 जून तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय दिया था। उम्मीद थी कि समय-सीमा समाप्त होते ही प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य का रास्ता साफ करेगा, लेकिन 29 जून तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दी। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई केवल मुनादी तक सीमित नजर आ रही है।
गर्मी में खुले आसमान के नीचे इंतजार को मजबूर यात्री
हाईटेक रोडवेज बस अड्डे के निर्माण में हो रही देरी का सबसे अधिक असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस अड्डे पर पर्याप्त छाया, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रहा है।
मानसून से पहले बढ़ी चिंता
अब बारिश का मौसम भी करीब है। यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो बरसात के दौरान यात्रियों को भीगते हुए बसों का इंतजार करना पड़ेगा। वर्तमान बस अड्डे पर पर्याप्त शेड और बारिश से बचाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण आने वाले दिनों में हजारों यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
समय-सीमा के बाद भी कार्रवाई नहीं, उठ रहे सवाल
प्रशासन ने स्वयं 27 जून तक अतिक्रमण हटाने की अंतिम तिथि निर्धारित की थी। इसके बावजूद तय समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर प्रशासन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने में देरी क्यों कर रहा है। यदि घोषित समय-सीमा के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो प्रशासन की चेतावनियों की गंभीरता और विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी चर्चा का विषय
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की ओर से भी कोई ठोस पहल या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता की सुविधा से जुड़े इस मुद्दे पर सभी पक्षों को गंभीरता दिखानी चाहिए, ताकि हाईटेक रोडवेज निर्माण में आ रही बाधाएं जल्द दूर हो सकें।
प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री रोडवेज बस अड्डे से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक बस अड्डे का निर्माण वर्षों से लंबित है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस परियोजना की घोषणाएं होती रही हैं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही।
जनता के प्रमुख सवाल
27 जून की तय समय-सीमा के बाद भी अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया?
हाईटेक रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा?
यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं कब उपलब्ध कराई जाएंगी?
प्रशासन अपनी घोषित कार्रवाई को अमल में कब लाएगा?

