ऊधम सिंह नगर

“मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान को मिली बड़ी सफलता दो राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की भूमि विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम होगी दर्ज

“मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान को मिली बड़ी सफलता
दो राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की भूमि विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम होगी दर्सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों एवं आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद चम्पावत में संचालित “मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत वर्षों से संचालित विद्यालयों की भूमि को विधिवत विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

अभियान के अंतर्गत जनपद के दो राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की भूमि को विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन के नाम निःशुल्क हस्तांतरण एवं नामांतरण की कार्यवाही पूर्ण की गई है। इससे विद्यालयों में भविष्य में होने वाले विकास कार्यों, भवन निर्माण एवं विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के संचालन में प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं दूर होंगी।
तहसील लोहाघाट के ग्राम कोलीढेक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोलीढेक हेतु गैर ज०वि० खतौनी खाता संख्या 200, बसरा संख्या 24 के खसरा संख्या 1079 में दर्ज 0.037 हेक्टेयर भूमि विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित की गई है। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम श्रेणी 9(3) ङ बंजर काबिल आबाद के रूप में दर्ज थी और लंबे समय से विद्यालय परिसर के रूप में उपयोग की जा रही थी।

इसी प्रकार तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) के ग्राम चंदनी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंदनी हेतु ज०वि० खतौनी खाता संख्या 173, बसरा संख्या 259 के खसरा संख्या 259 में दर्ज 0.105 हेक्टेयर भूमि विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित की गई है। उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 6(2) के अंतर्गत स्थल, सड़क, रेलवे, भवन एवं अन्य अकृषक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज थी।
विद्यालयों की भूमि का विधिवत नामांतरण होने से भवन निर्माण, खेल मैदान, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही विद्यालयों के स्थायी विकास कार्यों को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती भी प्राप्त होगी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि “मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान का उद्देश्य जनपद के सभी विद्यालयों की भूमि को विधिक रूप से विद्यालयों के नाम दर्ज कराना है, ताकि शिक्षा विभाग को विकास कार्यों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा मिल सके। उन्होंने संबंधित राजस्व एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नाम भूमि दर्ज होने से भविष्य में आधारभूत संरचना के विकास, मरम्मत कार्यों, नई योजनाओं के संचालन तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। भूमि हस्तांतरण शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अधीन किया गया है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भूमि का उपयोग केवल सार्वजनिक एवं शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए ही किया जाए।।

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