राशन माफियाओं पर जिला पूर्ति विभाग का बड़ा प्रहार रुद्रपुर और गदरपुर की 5 सस्ती गल्ला दुकानों पर कार्रवाई, जांच में खुलीं गंभीर अनियमितताएं गरीबों के हक पर डाका डालने वालों में मचा हड़कंप, जिला प्रशासन सख्त
राशन माफियाओं पर जिला पूर्ति विभाग का बड़ा प्रहार
रुद्रपुर और गदरपुर की 5 सस्ती गल्ला दुकानों पर कार्रवाई, जांच में खुलीं गंभीर अनियमितताएं
गरीबों के हक पर डाका डालने वालों में मचा हड़कंप, जिला प्रशासन सख्त
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
ऊधम सिंह नगर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में चल रही कथित धांधलियों पर जिला पूर्ति विभाग ने बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी के निर्देश पर रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्र की पांच सस्ती गल्ला दुकानों पर औचक निरीक्षण और जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई के बाद राशन विक्रेताओं और खाद्यान्न माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक रुद्रपुर की तीन और गदरपुर की दो राशन दुकानों के खिलाफ उपभोक्ताओं द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। आरोप थे कि पात्र कार्डधारकों को समय पर राशन नहीं दिया जा रहा था, वितरण रजिस्टरों में हेरफेर की जा रही थी, खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी और कई जगहों पर लाभार्थियों को पूरा राशन भी नहीं मिल रहा था। कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाए गए कि रिकॉर्ड में वितरण दिखाकर गरीबों के हिस्से का खाद्यान्न बाजार में खपाने का खेल चल रहा था।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने विभागीय टीमों को जांच के निर्देश दिए। टीमों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई दुकानों पर रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण में अंतर पाया गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजिका और लाभार्थियों के बयान भी खंगाले गए, जिसमें कई खामियां उजागर हुईं। इसके बाद संबंधित दुकानों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ दुकानों में राशन वितरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अधूरे मिले, जबकि कुछ स्थानों पर वितरण व्यवस्था पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। विभाग अब पूरे जिले में राशन वितरण प्रणाली की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी कई दुकानों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
जिला पूर्ति विभाग की इस कार्रवाई को गरीबों और जरूरतमंदों के हक की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासन का साफ संदेश है कि सरकारी खाद्यान्न में गड़बड़ी, कालाबाजारी और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार लगातार हो रही सख्त कार्रवाई से राशन माफियाओं और उनसे जुड़े कुछ लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। चर्चाएं हैं कि कार्रवाई से परेशान कुछ तत्व जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी को कथित रूप से षड्यंत्र के तहत विवादों में घसीटने या दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय हलकों में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।
फिलहाल जिला पूर्ति विभाग के इस बड़े एक्शन ने पूरे जिले में साफ संकेत दे दिए हैं कि अब गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन की सख्ती से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंद लोगों तक उनका पूरा राशन सही समय पर पहुंच सकेगा।।

