Friday, July 10, 2026
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यूपी बॉर्डर पर आयोजित इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन का समापन, सीमित कंपनियों और कम भीड़ के चलते कारोबार रहा सामान्य लाखों रुपये का स्टॉल किराया, सुविधाएं नदारद! यूपी बॉर्डर पर इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पर उठे सवाल

यूपी बॉर्डर पर आयोजित इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन का समापन, सीमित कंपनियों और कम भीड़ के चलते कारोबार रहा सामान्य

लाखों रुपये का स्टॉल किराया, सुविधाएं नदारद! यूपी बॉर्डर पर इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पर उठे सवालसौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रुद्रपुर। उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर 8 से 10 जुलाई तक आयोजित इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन उद्योग जगत की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कई स्टॉल संचालकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों रुपये स्टॉल किराया लेने के बावजूद आयोजकों की ओर से अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।

प्रदर्शनी में शामिल एसएस एंटरप्राइजेज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले फरीदाबाद और नोएडा में आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनियां कहीं अधिक व्यवस्थित और भव्य थीं। वहां विशाल हॉल, बड़ी संख्या में कंपनियों की भागीदारी और भारी भीड़ देखने को मिली थी, जबकि यूपी बॉर्डर पर आयोजित इस प्रदर्शनी में न तो कंपनियों की संख्या संतोषजनक रही और न ही आगंतुकों की भीड़। परिणामस्वरूप अधिकांश स्टॉल संचालकों को उम्मीद के अनुरूप व्यावसायिक लाभ नहीं मिल सका।

प्रतिनिधियों का कहना है कि आयोजन स्थल का हॉल अपेक्षाकृत छोटा था, जिससे प्रदर्शनी का प्रभाव भी सीमित रहा। कई स्टॉल संचालकों ने दावा किया कि तीन दिनों तक प्रदर्शनी में ग्राहकों की आवाजाही सामान्य रही और कई बार स्टॉल खाली दिखाई दिए।

सबसे अधिक नाराजगी भोजन व्यवस्था को लेकर देखने को मिली स्टॉल संचालकों के अनुसार, एक स्टॉल पर तीन या चार लोग काम कर रहे थे, लेकिन आयोजकों की ओर से भोजन केवल दो लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया। ऐसे में बाकी कर्मचारियों को बाहर जाकर भोजन करना पड़ा, जिससे स्टॉल संचालन भी प्रभावित हुआ और संभावित ग्राहकों से संपर्क टूटता रहा प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि विश्राम की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। दूर-दराज से आए कई कर्मचारियों और प्रतिनिधियों को अपने खर्च पर होटल किराए पर लेकर रुकना पड़ा, जिससे उनकी लागत और बढ़ गई।

स्टॉल संचालकों के अनुसार, 9×9 फीट के एक स्टॉल का किराया लगभग एक लाख रुपये तक रखा गया था। उनका कहना है कि जब इतनी बड़ी राशि ली जाती है तो प्रतिभागियों को बेहतर प्रचार, पर्याप्त सुविधाएं, अधिक विजिटर और व्यवस्थित आयोजन की अपेक्षा होती है। लेकिन इस आयोजन में इन मानकों पर गंभीर कमी महसूस की गई।

प्रदर्शनी में शामिल कई प्रतिभागियों का मानना है कि यदि आयोजक भविष्य में बड़े हॉल, व्यापक प्रचार-प्रसार, अधिक औद्योगिक इकाइयों की भागीदारी और प्रतिभागियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें, तभी ऐसे आयोजन अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर पाएंगे। फिलहाल इस प्रदर्शनी को लेकर कई प्रतिभागियों में असंतोष देखने को मिला।।

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