ऊधम सिंह नगर

कप्तान के एक्शन से खनन माफियाओं में खलबली – एक माह की सख्ती से अवैध खनन और ओवरलोडिंग के सिंडिकेट पर लगी लगाम

कप्तान के एक्शन से खनन माफियाओं में खलबली

– एक माह की सख्ती से अवैध खनन और ओवरलोडिंग के सिंडिकेट पर लगी लगाम

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रुद्रपुर। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के पुराने ढर्रे को नए कप्तान की कार्यशैली ने पूरी तरह बदल कर रख दिया है। जिले के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के पदभार संभालते ही माफियाओं और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एक ऐसा अभियान शुरू हुआ है, जिसने पूरे जिले की कानून व्यवस्था में नई जान फूंक दी है। चंपावत से स्थानांतरण के बाद पिछले माह 13 फरवरी को जिले की कमान संभालने वाले आईपीएस अजय गणपति ने अपनी प्राथमिकताओं में यह स्पष्ट कर दिया था कि जिले की सड़कों पर यमराज बनकर दौड़ने वाले ओवरलोड वाहनों और प्राकृतिक संपदा का दोहन करने वाले खनन माफियाओं के लिए कोई रियायत नहीं होगी महज एक महीने के भीतर पुलिस की चौतरफा कार्रवाई ने यह साबित भी कर दिया है।जिले के संवेदनशील मार्गों पर एसएसपी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियानों ने माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। जिन रास्तों पर पहले देर रात तक ओवरलोड डंपरों का कब्जा रहता था, वहां अब पुलिस की पैनी नजर और सख्त नाकेबंदी दिखाई देती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पूर्व में ओवरलोड वाहन न केवल सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे थे, बल्कि लगातार जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे थे कप्तान की सीधी निगरानी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सड़कों पर डंपरों की बेलगाम रफ्तार पर लगाम लगी है और आम जनता ने राहत की सांस ली है। इस सख्ती का व्यापक असर सड़क सुरक्षा पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे दुर्घटनाओं के ग्राफ में गिरावट दर्ज की गई है।

2018 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय गणपति की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में रही है जो स्वभाव से बेहद सरल हैं लेकिन नियमों के अनुपालन में उतने ही कठोर चंपावत में उनके कार्यकाल के दौरान भी माफियाओं पर इसी तरह का अंकुश देखा गया था, और अब उधम सिंह नगर जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली का लोहा मनवाया है। उनके नेतृत्व में पुलिस तंत्र अब केवल थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध गतिविधियों के संभावित ठिकानों पर सीधे प्रहार कर रहा है। पुलिस की इस सक्रियता ने उन तत्वों के हौसले पस्त कर दिए हैं जो अब तक रसूख या सांठगांठ के दम पर अवैध कारोबार संचालित कर रहे थे।वर्तमान में उधम सिंह नगर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जिले की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी राज्यों से लगी सीमाओं के कारण अवैध खनन और ओवरलोडिंग यहाँ हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन एसएसपी की जीरो टॉलरेंस नीति ने प्रशासन के दबदबे को पुनरू स्थापित किया है। जानकार मानते हैं कि यदि पुलिस का यह रुख इसी प्रकार निरंतर बना रहता है, तो आने वाले समय में उधम सिंह नगर न केवल अपराध मुक्त होगा, बल्कि यातायात और सड़क सुरक्षा के मानकों पर भी प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनेगा अजय गणपति की दृढ़ इच्छाशक्ति जिले में कानून के इकबाल को बुलंद करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो रही है।।

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