‘धुआंधार से धुरंधर’ तक धामी का दबदबा, केंद्रीय नेतृत्व की मुहर से सियासत में संदेश साफ
‘धुआंधार से धुरंधर’ तक धामी का दबदबा, केंद्रीय नेतृत्व की मुहर से सियासत में संदेश साफ
हल्द्वानी से गूंजा भरोसे का ऐलान, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर लगा विराम
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। उनके चार साल के कार्यकाल को लेकर जहां सियासी हलचल तेज है, वहीं केंद्र के शीर्ष नेताओं के लगातार मिल रहे समर्थन ने प्रदेश की राजनीति को नया संकेत दे दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिह अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा कि पहले वह धामी को ‘धाकड़’ कहते थे, लेकिन अब उनके कार्यों और निर्णय क्षमता को देखते हुए उन्हें ‘धुरंधर धामी’ कहना ज्यादा उचित होगा राजनाथ सिंह ने धामी के नेतृत्व को मजबूत, निर्णायक और परिणाम देने वाला बताया।
एमवी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही यहां मुख्यमंत्री धामी और अन्य नेताओं ने जनता का अभिवादन भी स्वीकार किया कार्यक्रम के दौरान पंतनगर एयरपोर्ट पर भी मुख्यमंत्री द्वारा रक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो राजनीतिक रूप से अहम संकेत माना जा रहा है।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने वैश्विक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया अस्थिरता और संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को मजबूत और संतुलित स्थिति में बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि यह नेतृत्व की दृढ़ता और दूरदर्शिता का परिणाम है।
राजनाथ सिंह के इस बयान को उत्तराखंड की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके शब्दों ने साफ कर दिया कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों का फिलहाल कोई आधार नहीं है। उन्होंने धामी को ‘धुआंधार’ और ‘धुरंधर’ बताते हुए यह संदेश दिया कि प्रदेश का नेतृत्व स्थिर और सुरक्षित हाथों में है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी की खुलकर सराहना कर चुके हैं। उन्होंने भी धामी को ‘धाकड़’ बताते हुए उनके कामकाज की प्रशंसा की थी लगातार केंद्रीय नेतृत्व से मिल रहे समर्थन के बाद भाजपा के भीतर चल रही तमाम अटकलें अब खत्म होती नजर आ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में यह साफ संदेश जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बयानों से न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है, बल्कि विपक्ष के लिए भी यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में ही आगे बढ़ने का फैसला कर चुका है।।

