ऊधम सिंह नगर

2020 से अधूरा हाईटेक रोडवेज: अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा, मेयर विकास शर्मा से बढ़ीं उम्मीदें, धूप-बारिश में परेशान हो रहे यात्री

2020 से अधूरा हाईटेक रोडवेज: अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा, मेयर विकास शर्मा से बढ़ीं उम्मीदें, धूप-बारिश में परेशान हो रहे यात्री

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रुद्रपुर। जनपद मुख्यालय रुद्रपुर में करोड़ों रुपये की लागत से प्रस्तावित हाईटेक रोडवेज बस अड्डे का निर्माण वर्ष 2020 से शुरू हुआ था, लेकिन छह साल बाद भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस बस अड्डे से पूरे जिले की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद थी, मगर अतिक्रमण की समस्या ने इस महत्वाकांक्षी योजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।निर्माण कार्य में लगातार देरी का सबसे बड़ा कारण अतिक्रमण बताया जा रहा है, जिसे हटाने में प्रशासन अब तक ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। नतीजतन, करोड़ों की लागत से बन रहा यह हाईटेक प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है और आम जनता इसकी कीमत रोज भुगत रही है।

सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। बस अड्डे पर पर्याप्त शेड, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग कड़ी धूप और बरसात में घंटों बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। मई की तपती गर्मी में जहां यात्री झुलसते रहते हैं, वहीं बरसात में भीगते हुए सफर का इंतजार करना उनकी मजबूरी बन चुका है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा कठिन हो जाती है।स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता, तो अब तक हाईटेक रोडवेज बस अड्डा पूरी तरह तैयार होकर जनता को समर्पित किया जा चुका होता। इस संबंध में जब एआरएम मिश्रा से बातचीत की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अतिक्रमण ही निर्माण कार्य में सबसे बड़ी बाधा है। उनका कहना है कि जैसे ही अतिक्रमण हटेगा, निर्माण कार्य तेज गति से पूरा कर लिया जाएगा और रुद्रपुर को उसका बहुप्रतीक्षित हाईटेक बस अड्डा मिल जाएगा।

गौरतलब है कि रुद्रपुर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गृह जनपद है और उन्होंने भी समय-समय पर इस परियोजना को लेकर अपनी प्राथमिकता जाहिर की है। उनका सपना है कि रुद्रपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और हाईटेक रोडवेज बस अड्डा मिले, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें बावजूद इसके, परियोजना का वर्षों तक अधूरा रहना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम बनता जा रहा है। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह बड़ा मुद्दा बन सकता है।वहीं, नगर निगम रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा की कार्यशैली को लेकर शहर में सकारात्मक चर्चा भी देखने को मिल रही है। अपने अपेक्षाकृत छोटे कार्यकाल में उन्होंने विकास के कई ऐसे आयाम स्थापित किए हैं, जो वर्षों से लंबित थे। उनकी कार्यशैली में स्पष्टता, जनहित के प्रति संवेदनशीलता और विकास के प्रति दृढ़ संकल्प साफ झलकता है।

विकास शर्मा को एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में देखा जा रहा है जो जमीन से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं और समाधान की दिशा में सक्रिय रहते हैं। शहर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आम जनता की समस्याओं के निराकरण में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। लोग उन्हें एक ऊर्जावान, दूरदर्शी और परिणाम देने वाले नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं।

ऐसे में शहरवासियों को उनसे खास उम्मीदें हैं कि वे इस महत्वपूर्ण हाईटेक रोडवेज परियोजना को भी प्राथमिकता में लेते हुए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य को गति दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है और रुद्रपुर को उसका बहुप्रतीक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त हाईटेक रोडवेज बस अड्डा कब तक मिल पाता है।।

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