रुद्रपुर में ईद पर नमाज के साथ विरोध की आवाज, काली पट्टी बांध जताया आक्रोश
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। ईद-उल-फितर के अवसर पर इस बार रुद्रपुर में जहां एक ओर लोगों ने परंपरा के अनुसार नमाज अदा कर देश में शांति और समृद्धि की कामना की, वहीं दूसरी ओर ईदगाह भूमि को लेकर विवाद ने माहौल को अलग रूप दे दिया। खेड़ा स्थित मुख्य ईदगाह पर बड़ी संख्या में लोगों ने काली पट्टी बांधकर नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कई स्थानों पर काले झंडे भी लगाए गए और इसे प्रतीकात्मक रूप से “काला दिवस” के तौर पर मनाया गया।
बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ ईदगाह के पास स्थित लगभग आठ एकड़ सरकारी जमीन है, जिसका उपयोग वर्षों से ईद की नमाज के दौरान अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए किया जाता रहा है। खेड़ा ईदगाह की करीब ढाई एकड़ भूमि में हर साल हजारों लोग जुटते थे, जबकि आसपास की खुली जमीन व्यवस्था संभालने में सहायक होती थी।
हाल ही में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद नगर निगम ने उक्त जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसकी घेराबंदी कर दी। मुस्लिम समुदाय ने इस वर्ष भी नमाज के लिए उस भूमि के उपयोग की अनुमति मांगी, लेकिन प्रशासन ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके चलते स्थान की कमी उत्पन्न हो गई और लोगों को शहर की अलग-अलग मस्जिदों में नमाज अदा करनी पड़ी, जिससे समुदाय में असंतोष देखने को मिला।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया विरोध के बावजूद ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।।

