Tuesday, September 15, 2026
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विधवा की जमीन पर भू-माफिया का ‘शिकंजा’ – जमीन खरीदने के लिए दिये गये चेक हो गये बाउंस – बेबस परिवार ने लगाई डीएम-एसएसपी से न्याय की गुहार

विधवा की जमीन पर भू-माफिया का ‘शिकंजा’

– जमीन खरीदने के लिए दिये गये चेक हो गये बाउंस

– बेबस परिवार ने लगाई डीएम-एसएसपी से न्याय की गुहार

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रुद्रपुर। क्षेत्र में जमीन की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक बेसहारा विधवा महिला की बेशकीमती जमीन को जालसाजी के जरिए हड़पने का गहरा ताना-बना बुना गया बिन्दुखेड़ा निवासी सुरेन्द्र कौर ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि प्रॉपर्टी डीलर ने न केवल उसे फर्जी चेक थमाकर ठगी की, बल्कि शासन-प्रशासन में अपनी ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जा रहा है।

पूरा प्रकरण बिन्दुखेड़ा, दानपुर की एक एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है, जिसका सौदा पीड़िता ने मलिक कॉलोनी निवासी दीपक कुमार चराया के साथ दो करोड़ रूपये में तय किया था महिला ने अपने बच्चों की उच्च शिक्षा और परिवार के पालन-पोषण के सुनहरे सपने देखते हुए अपनी पैतृक संपत्ति को बेचने का निर्णय लिया था, लेकिन उसे क्या पता था कि खरीदार की नीयत में खोट है।

आरोप है कि समझौते के तहत खरीदार ने जो चेक महिला को सौंपे थे, वे बैंक में प्रस्तुत करते ही भुगतान तिथि पर बाउंस हो गए हद तो तब हो गई जब महिला को पता चला कि खरीदार ने बिना उसे शेष भुगतान किए और बिना उसकी जानकारी के विभाग से मिलीभगत कर भूमि का दाखिल-खारिज भी अपने पक्ष में करवा लिया है।

पीड़ित सुरेन्द्र कौर का कहना है कि जब उसने अपनी मेहनत की कमाई और जमीन की कीमत मांगी, तो आरोपी दीपक चराया ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया आरोपी ने कथित तौर पर यह कहकर उसे चुप कराने की कोशिश की कि वह एक प्रभावशाली प्रॉपर्टी डीलर है और उसे बड़े राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। दबंगई का आलम यह है कि आरोपी ने स्पष्ट शब्दों में महिला को चुनौती दी कि पहले भी उसके खिलाफ कई शिकायतें हुई हैं, लेकिन प्रशासन उसका कुछ नहीं बिगाड़ सका और भविष्य में भी कोई उसका बाल बांका नहीं कर पाएगा।

आज स्थिति यह है कि अपनी ही जमीन गंवा चुकी यह विधवा महिला दर-दर भटकने को मजबूर हो गई है। भुगतान न मिलने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक अवसाद में है। पीड़िता ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में सूचित किया है कि यदि न्याय के अभाव में उसके साथ या उसके बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व आरोपी और उसके सहयोगियों पर होगा अब सबकी नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या एक बेसहारा महिला को उसका हक मिल पाएगा या सत्ता के संरक्षण में पल रहे ऐसे सफेदपोश भू-माफिया कानून की धज्जियां उड़ाते रहेंगे।।

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