खुलकर सामने आया सत्ता का अहंकार पूर्व मेयर ने पार की गुण्डागर्दी की हदें
सौरभ गंगवार
रुद्रपुर। जिला मुख्यालय पर सत्ता का अहंकार एक बार फिर खुलकर सामने आ गया पूर्व मेयर रामपाल ने गुण्डागर्दी की हदें पार कर न सिर्फ अपने ही पड़ोसी कांग्रेस नेता पर हमला किया बल्कि उन पर झूठे आरोप लगाकर खुद अस्पताल में भर्ती भी हो गये जबकि सीसी टीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि कांग्रेस नेता सीपी शर्मा को दौड़ा दौड़ाकर पीटा जा रहा है।
पांच साल तक नगर निगम में भ्रष्टाचार का पर्याय बने निवर्तमान मेयर रामपाल की कुर्सी और सत्ता की हनक अभी भी बरकरार है। जिसका जीता जागता उदाहरण शुक्रवार को शक्ति विहार कालोनी में देखने को मिला है। जहां पर शिलापट को शिफ्ट करने की बात पर पूर्व मेयर रामपाल आपा खो बैठे और अपने परिवारजनों के साथ महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सीपी शर्मा पर सरेआम हमला कर दिया रामपाल और उनके परिजन और समर्थकों ने न सिर्फ सीपी शर्मा के साथ हाथापाई की बल्कि उन पर ईंट-पत्थर भी फेंके।
दरअसल शक्ति विहार कॉलोनी के गेट पर एक साल पहले नगर निगम की ओर से बनाई गईं सड़कों के लोकार्पण का शिलापट लगाया गया था। कॉलोनी के नए गेट के लिए विधायक निधि से प्रस्ताव मंजूर हुआ है। नया गेट बनवाने के लिए शक्ति विहार कॉलोनी के सोसायटी अध्यक्ष व कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा शिलापट को दूसरे जगह शिफ्ट करना चाह रहे थे, इस पर कालोनी के अन्य लोग भी राजी थे सीपी वर्तमान में सोसायटी के अध्यक्ष हैं। शिलापट को सम्मानपूर्वक शिफ्ट करने का मैसेज उन्होंने सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाला था लेकिन कॉलोनी में रहने वाले निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह सत्ता के अहंकार में अपनी जिद पर अड़े थे। उन्होंने वर्तमान गेट की जगह पर ही नया गेट बनाने की जिद पकड़ रखी थी। कालोनी के लोगों की सहमति पर शुक्रवार दोपहर कॉलोनी गेट पर सीपी शर्मा शिलापट को शिफ्ट करा रहे थे। इसी बीच रामपाल अपने सहयोगियों के साथ पहुंच गए और सीपी शर्मा पर हमला कर दिया हमले का सीसी टीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें सीपी शर्मा के साथ मारपीट और पथराव किया जा रहा है। सीपी शर्मा पर हमला करने के बाद मेयर खुद भी अस्पताल भर्ती हो गये।
पूरे मामले में अब सियासत शुरू हो गयी है। बताया जा रहा है कि निवर्तमान मेयर और भाजपा के लोग अब इस मामले में पुलिस प्रशासन को दबाव में लेने का प्रयास कर रहे हैं। रामपाल सिंह पक्ष की ओर से मारपीट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जबकि सीपी शर्मा पक्ष की ओर से मारपीट का कोई भी फुटेज सामने नहीं आया है। वैसे भी सीपी शर्मा उस वक्त अकेले थे और रामपाल सिंह के साथ करीब आठ से दस लोग थे। ऐसे में स्पष्ट लग रहा है कि सीपी शर्मा की ओर से मारपीट नहीं हुयी है। लेकिन भाजपा के लोग क्रास केस बनाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।।