Sunday, October 11, 2026
Latest:
ऊधम सिंह नगर

श्रीराम के शौर्य और राम-सीता विवाह के प्रसंगों से सजी बस स्टैंड वाली रामलीला ताड़का के विकराल रूप ने बच्चों को डराया, छोटे राम-कनव गंभीर और छोटे लक्ष्मण-अविश तनेजा की संवाद अदायगी ने जीता दिल

श्रीराम के शौर्य और राम-सीता विवाह के प्रसंगों से सजी बस स्टैंड वाली रामलीला
ताड़का के विकराल रूप ने बच्चों को डराया, छोटे राम-कनव गंभीर और छोटे लक्ष्मण-अविश तनेजा की संवाद अदायगी ने जीता दिलसौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रुद्रपुर। नगर की प्रमुख बस स्टैंड वाली ऐतिहासिक श्रीरामलीला में तीसरे दिन श्रीराम के शौर्य, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर और राम-परशुराम संवाद सहित रामकथा के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया ताड़का वध, सुबाहु वध और शिव धनुष टूटने के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं राम-सीता विवाह के मंगलमय प्रसंग ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नितिश भुड्डी, रमन भुड्डी, राघव राजदेव, राम राजदेव, शिवा राजदेव, गौरव राजदेव और डिम्पल राजदेव ने प्रभु श्रीरामचंद्र के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
लीला के प्रारंभ में सुबाहु और मारीच द्वारा ऋषि-मुनियों के धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालने के प्रसंग का मंचन हुआ। महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ में विघ्न पड़ने पर उनके अयोध्या पहुंचकर महाराजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए साथ भेजने का आग्रह करने का दृश्य भावपूर्ण रहा। पुत्रों के प्रति दशरथ का स्नेह और विश्वामित्र का आग्रह दर्शकों को भावुक कर गया।वन में ताड़का के आतंक और उसके विकराल रूप का प्रभावशाली मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का वध कर ऋषियों को भयमुक्त करने तथा यज्ञ की रक्षा के दौरान सुबाहु का वध करने के दृश्य ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। श्रीराम के बाण से मारीच के दूर जा गिरने का प्रसंग भी आकर्षण का केंद्र रहा इसके बाद अहिल्या उद्धार की लीला ने करुणा और भक्ति का भाव जगाया। प्रभु श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या के उद्धार का दृश्य सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। जनकपुरी में आयोजित सीता स्वयंवर में विभिन्न राजाओं द्वारा शिव धनुष उठाने में असफल रहने के बाद महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम आगे बढ़े। धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही उसके टूटने का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। इससे पहले रावण और बाणासुर के बीच हुए संवाद ने भी मंच पर रोमांच पैदा किया।

शिव धनुष टूटने के बाद भगवान परशुराम के आगमन और श्रीराम-परशुराम संवाद का प्रभावशाली मंचन हुआ। परशुराम के क्रोध और श्रीराम के विनम्र एवं संयमित उत्तर ने इस प्रसंग को यादगार बना दिया। माता सीता द्वारा श्रीराम को वरमाला पहनाने के दृश्य ने मंच पर उत्सव का माहौल बना दिया और विवाह प्रसंग ने दर्शकों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया तीसरे दिन की लीला में कलाकारों की संवाद अदायगी, भावपूर्ण अभिनय और मंच सज्जा ने रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत कर दिया।बाल कलाकारों की संवाद अदायगी ने बटोरी सराहना
छोटे राम की भूमिका में कनव गंभीर और छोटे लक्ष्मण की भूमिका में अविश तनेजा ने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। दोनों बाल कलाकारों के स्पष्ट उच्चारण, भावपूर्ण प्रस्तुति और मंच पर आत्मविश्वास ने दर्शकों की सराहना बटोरी। राम की सौम्यता और लक्ष्मण के उत्साह को दोनों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

ताड़का के खौफ से सहमे बच्चे, 12 राक्षसों के दल ने बढ़ाया रोमांच
बस स्टैंड वाली ऐतिहासिक श्रीरामलीला में ताड़का के विकराल रूप ने बच्चों को सहमा दिया। वरिष्ठ कलाकार विशाल भुड्डी की डरावनी वेशभूषा, भयंकर गर्जना और दमदार अभिनय ने ताड़का के दृश्य को प्रभावशाली बना दिया। वहीं, 12 राक्षसों के दल की उछलकूद और आक्रामक हावभाव ने मंच पर आतंक का माहौल पैदा किया राक्षस दल में अक्ष अग्रवाल, शिव अग्रवाल, तन्मय आनंद, मोहक अरोड़ा, हर्ष अरोड़ा, वैभव भुड्डी, आयुष धमीजा, शिवांश कोहली, प्रवेश सिंह, अवध सुखीजा, विराट राजदेव और प्रियांशु मिश्रा शामिल रहे। इन सभी का मेकअप कोमल अग्रवाल ने किया।

इन कलाकारों ने निभाईं प्रमुख भूमिकाएं
लीला में भगवान गणेश की भूमिका आशीष ग्रोवर आशू, सुबाहु की रोहित खुराना, मारीच की सचिन मुंजाल, दशरथ की प्रेम खुराना, विश्वामित्र की मोहन भुड्डी और ताड़का की विशाल भुड्डी ने निभाई। छोटे राम कनव गंभीर, छोटे लक्ष्मण अविश तनेजा, श्रीराम मनोज अरोड़ा, लक्ष्मण गौरव जग्गा, सीता दीपक अग्रवाल, परशुराम गुरशरण बब्बर सन्नी, अहिल्या सुमित आनंद, जनक अनिल तनेजा, वशिष्ठ मनोज मुंजाल, बाणासुर वैभव भुड्डी और रावण रमन अरोड़ा बने। लखटकिया नरेश की भूमिका मनोज मुंजाल ने निभाई। ताड़का के रिश्तेदारों की भूमिकाओं में राम कृष्ण कन्नौजिया, रजत अरोड़ा, विशू अरोड़ा, गोला ईदरीसी और आयुष्मान सुशील गाबा सहित अन्य कलाकार शामिल रहे।

मंच संचालन मंच सचिव विजय जग्गा, सुशील गाबा और संदीप धीर ने संयुक्त रूप से किया इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री सुशील गाबा, कोषाध्यक्ष सीए अमित गंभीर, समन्वयक राजेश छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, विजय अरोड़ा, हरीश अरोड़ा, महावीर आजाद, सचिव अमित अरोड़ा बोबी, राकेश सुखीजा, डायरेक्टर सुभाष खंडेलवाल, संदीप धीर, मंच सचिव विजय जग्गा, विजय विरमानी, जगदीश टंडन, रघुवीर अरोड़ा, पूर्वा बेहड़, अनीषा बेहड़, मीनाक्षी गाबा, कर्मचंद राजदेव, गौरव तनेजा, सौरभराज बेहड़, अमित चावला, राजकुमार कक्कड़, सुमित आनंद, वैभव भुड्डी, रोहित नागपाल, बिट्टू ग्रोवर, रोहित जग्गा, सचिन तनेजा, सीए अमित अरोड़ा, पत्रकार परमपाल सुखीजा पम्मी, भानु चुघ, राजेश कामरा, सचिन रहेजा, पंकज सुखीजा, दलजीत सिंह, मनीष विरमानी, सुनील झाम, मोहित सक्सेना, रमेश नागपाल और लक्की अनेजा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।।

error: Content is protected !!
Call Now Button