शिक्षक दिवस पर गुरु के महत्व पर हुई चर्चा, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दिखाई सफलता की राह
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान और विद्यार्थियों के जीवन में गुरु की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर अवधेश नारायण सिंह ने की। उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक अच्छे शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदल सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर दीपचंद पांडे ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी के बीच विश्वास एवं अनुशासन का संबंध शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करता है। प्रोफेसर विकार हसन ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जोड़ना होगा।
प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. अपर्णा सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक बेहतर और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। डॉ. चारू चंद्र ने भी शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज की उस मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करते हैं, जो ज्ञान के साथ संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी नई पीढ़ी तक पहुंचाती है। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।।

