रुद्रपुर जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज तिवारी का हल्द्वानी स्थानांतरण, मरीजों में निराशा की लहर
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज तिवारी का हल्द्वानी स्थानांतरण।
उधम सिंह नगर व उत्तर प्रदेश से भी इलाज कराने आते थे मरीज।
मरीजों और परिजनों में निराशा, बेहतर चिकित्सा सेवाओं पर चिंता।
मरीजों के भगवान’ माने जाने वाले डॉ. मनोज तिवारी का तबादला, अस्पताल में छाई निराशा
उधम सिंह नगर और यूपी के मरीजों की पहली पसंद थे डॉ. मनोज तिवारी, स्थानांतरण से बढ़ी चिंता
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज तिवारी का तबादला, मरीज बोले—अब कौन करेगा ऐसा इलाज?
रुद्रपुर जिला अस्पताल से डॉ. मनोज तिवारी का स्थानांतरण, मरीजों ने जताई चिंता
डॉ. मनोज तिवारी के हल्द्वानी स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। जिला चिकित्सालय रुद्रपुर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज तिवारी का हल्द्वानी स्थानांतरण होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में निराशा का माहौल देखने को मिल रहा है। वर्षों से अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं, सरल स्वभाव और मरीजों के प्रति समर्पित कार्यशैली के कारण डॉ. तिवारी ने जिले में एक अलग पहचान बनाई थी। उनके स्थानांतरण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मरीजों ने चिंता व्यक्त करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा नुकसान बताया है।
मरीजों का कहना है कि डॉ. मनोज तिवारी केवल रुद्रपुर शहर तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि पूरे उधम सिंह नगर जिले के अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली, रामपुर, बिलासपुर, मिलक, शाहजहांपुर और आसपास के कई क्षेत्रों से भी लोग विशेष रूप से उनसे उपचार कराने जिला चिकित्सालय रुद्रपुर पहुंचते थे। उनकी सटीक बीमारी की पहचान, सरल व्यवहार और मरीजों को पूरा समय देकर इलाज करने की शैली के कारण लोगों का उन पर गहरा विश्वास था अस्पताल आने वाले कई मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जहां अक्सर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की शिकायत रहती है, वहीं डॉ. तिवारी ने वर्षों तक हजारों मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का भी उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ इलाज किया। यही कारण था कि लोग निजी अस्पतालों की बजाय जिला चिकित्सालय में डॉ. तिवारी से उपचार कराना अधिक पसंद करते थे।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉ. तिवारी के स्थानांतरण से जिला चिकित्सालय के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में भी अनुभवी फिजीशियन की कमी महसूस होगी उनका मानना है कि पहले से ही मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में एक अनुभवी चिकित्सक के जाने से चिकित्सा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कई मरीजों ने भावुक होकर कहा कि डॉ. तिवारी उनके लिए केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि उम्मीद का दूसरा नाम थे। उनका व्यवहार इतना आत्मीय था कि मरीज अपनी आधी परेशानी उनसे मिलकर ही भूल जाते थे। उन्होंने हमेशा जरूरतमंद मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने का प्रयास किया, जिससे लोगों के बीच उनकी विशेष छवि बनी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. तिवारी के कार्यकाल में जिला चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाओं पर लोगों का भरोसा काफी मजबूत हुआ। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी निश्चिंत होकर रुद्रपुर पहुंचते थे क्योंकि उन्हें विश्वास था कि यहां बेहतर परामर्श और उचित इलाज मिलेगा डॉ. मनोज तिवारी के स्थानांतरण के बाद अब मरीजों को चिंता है कि उन्हें उसी स्तर की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मिल पाएगी या नहीं कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जिला चिकित्सालय रुद्रपुर में जल्द ही एक अनुभवी वरिष्ठ फिजीशियन की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहे।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थानांतरण को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन आम मरीजों का मानना है कि ऐसे अनुभवी और लोकप्रिय चिकित्सक का स्थानांतरण जिले के हित में नहीं है। मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग तथा सरकार से मांग की है कि वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज तिवारी को पुनः जिला चिकित्सालय रुद्रपुर में तैनात किया जाए, ताकि हजारों मरीजों को पहले की तरह उनकी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलता रहे। उनका कहना है कि डॉ. तिवारी के वापस आने से मरीजों का भरोसा भी कायम रहेगा और जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह सुदृढ़ हो सकेंगी।
डॉ. मनोज तिवारी के स्थानांतरण ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मरीजों ने उम्मीद जताई है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि रुद्रपुर जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को पहले की तरह बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें।।

