ऊधम सिंह नगर

NHM समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

चम्पावत। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना तथा टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार, जांच और दवाइयां उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक में जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचे तथा गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ती की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और जिला समन्वयक आशा को निर्देशित करते हुए कहा कि आशा कार्यकर्तियों की अपने क्षेत्रों में नियमित सक्रियता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्तियां स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी फील्ड उपस्थिति से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ₹1400 और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को ₹1000 की सहायता राशि दी जाती है। वहीं प्रसव के बाद 48 घंटे से अधिक अस्पताल में रुकने पर ₹2000 अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है।

जिलाधिकारी ने अस्पतालों की साफ-सफाई, एम्बुलेंस सेवाओं, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, टीकाकरण कार्यक्रम, जन औषधि केंद्रों, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, तंबाकू मुक्त युवा अभियान तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की और सभी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में दवाइयों एवं उपकरणों की खरीद से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला समन्वयक आशा एवं चारों ब्लॉकों के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजरों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश भी जारी किए गए।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक माह के भीतर पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, एमओआईसी इंद्रजीत पांडे, विराज राठी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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