ऊधम सिंह नगर

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर सख्त एक्शन: एसएसपी अजय गणपति ने दो महिला कांस्टेबल किए निलंबित, सात दिन में रिपोर्ट तलब

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर सख्त एक्शन: एसएसपी अजय गणपति ने दो महिला कांस्टेबल किए निलंबित, सात दिन में रिपोर्ट तलब

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रूद्रपुर। जनपद में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने महिला संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अस्वीकार्य बताते हुए सख्त कार्रवाई की है। कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र के एक संवेदनशील मामले में ड्यूटी में उदासीनता बरतने पर महिला हेल्प डेस्क में तैनात दो महिला कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई उस समय की गई जब एक पीड़ित महिला ने 6 मई 2026 को पुलिस कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग पुत्री को 17 अप्रैल 2026 को आरोपी यश प्रताप सिंह द्वारा बहला-फुसलाकर रुद्रपुर क्षेत्र से ले जाया गया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई।पीड़िता की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसने इस घटना के बाद कई बार कोतवाली रुद्रपुर, पंतनगर थाना तथा महिला हेल्प डेस्क में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं भी उसकी शिकायत पर समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के कारण मामला और गंभीर हो गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच में ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर महिला हेल्प डेस्क रुद्रपुर में तैनात मुख्य आरक्षी पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि महिला सुरक्षा के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी पंतनगर डी.आर. वर्मा को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी तथ्यों की गहन जांच कर सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यदि किसी अन्य स्तर पर भी लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में महिला अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला संबंधी प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और कानूनी प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कर्मियों को पीड़ितों के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार करना अनिवार्य है।

उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महिला हेल्प डेस्क को और अधिक सक्रिय बनाया जाए तथा प्रत्येक शिकायत की मॉनिटरिंग की जाए। एसएसपी ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या असंवेदनशीलता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कठोर दंडात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

इस घटना के बाद पुलिस विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।।

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