गफ्फार प्रकरण पर सियासत गरम: तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला आमने-सामने
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
तराई की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोपों का दौर तेज हो गया है। किच्छा क्षेत्र के दरऊ गांव के ग्राम प्रधान के पति गफ्फार का नाम हाल ही में असलहा बरामदगी मामले में सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी बढ़ गई है। इस मुद्दे पर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बरेली में असलहा के साथ दो युवकों को पकड़ा गया। पूछताछ में कथित रूप से दरऊ निवासी गफ्फार का नाम सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई।
बेहड़ ने साधा निशाना
विधायक तिलकराज बेहड़ ने प्रेस बयान में कहा कि पकड़े गए युवकों ने असलहा गफ्फार को सप्लाई करने की बात कबूल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गफ्फार पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के करीबी हैं और सवाल उठाया कि असलहा मंगाने के पीछे क्या मंशा थी। बेहड़ ने यह भी कहा कि यदि किसी का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए।
शुक्ला का पलटवार
वहीं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि गफ्फार पहले भी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और पूर्व में विभिन्न नेताओं के साथ काम कर चुके हैं। शुक्ला ने कहा कि यह पूरा विवाद राजनीतिक द्वेष का परिणाम है। उन्होंने विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने की आवश्यकता बताई तथा व्यक्तिगत आरोपों से बचने की बात कही।
दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी से क्षेत्र का सियासी माहौल गर्म है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आधिकारिक रूप से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।।

