ईदगाह बचाओ आंदोलन को किसान यूनियन प्रधान का समर्थन, हरजीत सिंह बोले—संविधान, आस्था और अंकिता भंडारी के न्याय के लिए एकजुट रहना जरूरी
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। गांधी पार्क में ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में आयोजित धरने को उस समय व्यापक समर्थन मिला जब किसान यूनियन प्रधान के जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के साथ खुलकर खड़े होने की घोषणा की। उन्होंने न केवल ईदगाह बचाओ आंदोलन का समर्थन किया, बल्कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भी अपनी गंभीरता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट शब्दों में रखा।
धरना स्थल पर मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए हरजीत सिंह ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी धर्मों के लोग समान रूप से देश के अभिन्न अंग हैं। किसी भी धर्म विशेष को निशाना बनाकर उसकी आस्था को ठेस पहुंचाना न केवल सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है, बल्कि यह सीधे-सीधे संविधान की मूल भावना का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि देश की ताकत उसकी एकता और विविधता में है और किसान यूनियन हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और न्याय के पक्ष में खड़ी रही है।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर बोलते हुए हरजीत सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हम सबकी बेटी थी और उसकी हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब तक जो भी हुआ है, वह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जिसने भी यह घिनौना कृत्य किया है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे उसके किए की सजा मिलनी ही चाहिए। न्याय में देरी, न्याय से इनकार के समान है और किसान यूनियन इस अन्याय को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
हरजीत सिंह ने यह भी दोहराया कि किसान यूनियन केवल किसानों के हक और खेत-खलिहान तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि यह एक जनआंदोलन का स्वरूप है, जो हर उस मुद्दे पर आवाज उठाता है जहां आम आदमी के साथ अन्याय होता है। चाहे वह भूमि अधिग्रहण का मामला हो, मजदूरों के अधिकार हों, सामाजिक अन्याय हो या फिर किसी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई—किसान यूनियन हमेशा सड़क से लेकर प्रशासन तक संघर्ष करने के लिए तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन प्रधान और उसकी पूरी टीम समाज में शांति, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय रही है और आगे भी रहेगी।
धरने में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति की यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई है। किसान यूनियन इस आंदोलन में नैतिक, सामाजिक और संगठनात्मक समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जरूरत पड़ी तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा, लेकिन अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया जाएगा।
इस मौके पर हरजीत सिंह के साथ किसान यूनियन के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में यूनियन कार्यकर्ता और समर्थक भी धरना स्थल पर पहुंचे, जिससे आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने किसान यूनियन के समर्थन का स्वागत किया और इसे आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के अंत में हरजीत सिंह ने कहा कि जब तक देश में अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलता, तब तक किसान यूनियन की लड़ाई जारी रहेगी। ईदगाह बचाओ आंदोलन हो या अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग—किसान यूनियन हमेशा सच, न्याय और इंसाफ के साथ खड़ी रहेगी।।

