कांग्रेसियों ने फूंका सरकार का पुतला
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रूद्रपुर। नैनीताल जनपद में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कांग्रेस नेताओं पर दर्ज किए गए मुकदमों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीडी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंककर अपना आक्रोश प्रकट किया।कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनाव तक सत्ता पक्ष ने खुलेआम नियमों को ताक पर रखा।
जिलाध्यक्ष गावा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले तो पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर मनमानी की और फिर मतदान प्रक्रिया में भी सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक परंपराओं का गला घोंट दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा नेताओं ने खुलेआम अपहरण जैसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दिया। नैनीताल में जिला पंचायत चुनाव के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गुंडागर्दी की गई और राज्य को शर्मसार करने वाली घटनाएं घटीं।गावा ने कहा भाजपा खुद को अनुशासित पार्टी बताती है लेकिन उसका अनुशासन सिर्फ भाषणों तक सीमित है। वास्तविकता यह है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने में भाजपा ने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं।
नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे यशपाल आर्य के साथ सार्वजनिक मंच पर धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई, यह प्रदेश की राजनीति के लिए काला अध्याय है। इसके बाद भी उल्टा कांग्रेस नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए, जो सत्ता पक्ष के दबाव का प्रमाण है। सत्ता का यह नंगा नाच अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मीना शर्मा ने भी भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूरी तरह से जंगलराज कायम हो चुका है। सरकार ने जानबूझकर पंचायत चुनाव में सात माह की देरी करवाई ताकि शहरी क्षेत्रें के मतदाता ग्रामीण क्षेत्रें में भी मतदान कर सकें और सत्ता पक्ष को फायदा मिले
मीना शर्मा ने कहा भाजपा सरकार ने न केवल आरक्षण की प्रक्रिया में नियमों की धज्जियां उड़ाईं बल्कि पूरे चुनाव में प्रशासनिक तंत्र को अपनी कठपुतली बनाकर रखा। नैनीताल में जिला पंचायत सदस्यों का खुलेआम अपहरण हुआ, वहीं बेतालघाट में चुनाव के दौरान दिनदहाड़े गोलियां चलीं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना रहा। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश में जुटी है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यशपाल आर्य सहित कांग्रेस नेताओं पर दर्ज मुकदमे शीघ्र वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। पुतला फूंकने वालों में महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा, अनिल शर्मा, योगेश चौहान, हरेन्द्र पाल, ममता रानी, सतीश कुमार, उमा सरकार, सुनील आर्य, बाबू विश्वकर्मा, महेश कोली, बाबू खान, ज्योति टम्टा, छत्रपाल, लक्की खान, आजम खान, उमर खान, रविन्द्र गुप्ता, संजीव रस्तौगी, जमील, राजेन्द्र शर्मा, अबरार, राहुल प्रजापति, हरिविजय, रामप्रसाद, नरेश पाल, सुदर्शन प्रजापति, रामपाल, बेबी सिकदर समेत तमाम कांग्रेसी थे।।