रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को धरातल पर उतारने में मनोज पानू की अहम भूमिका, पर्दे के पीछे रहकर किया दिन-रात काम सरकारी विभागों में ऐसे समर्पित कर्मचारियों की मेहनत बनती है बड़ी उपलब्धियों की असली ताकत, ड्यूटी के बाद भी जुटे रहे कागजी कार्रवाई में
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को धरातल पर उतारने में मनोज पानू की अहम भूमिका, पर्दे के पीछे रहकर किया दिन-रात काम
सरकारी विभागों में ऐसे समर्पित कर्मचारियों की मेहनत बनती है बड़ी उपलब्धियों की असली ताकत, ड्यूटी के बाद भी जुटे रहे कागजी कार्रवाई में
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट की सफलता का श्रेय अक्सर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलता है, लेकिन उस सफलता के पीछे कई ऐसे कर्मयोगियों की मेहनत भी होती है, जो बिना किसी प्रचार और प्रशंसा की अपेक्षा के पर्दे के पीछे रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहते हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को सुचारू रूप से शुरू करने की दिशा में मनोज पानू का योगदान भी ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारियों और आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मनोज पानू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बताया जाता है कि वह इस कार्य को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहे कभी देहरादून तो कभी दिल्ली जाकर संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में जुटे रहे इतना ही नहीं, उन्होंने नियमित ड्यूटी के बाद भी मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कागजी कार्रवाई को गंभीरता और पूरी लगन के साथ पूरा करने में अपना समय दिया।
ड्यूटी से आगे बढ़कर निभाई जिम्मेदारी
मनोज पानू की कार्यशैली यह संदेश देती है कि किसी भी संस्थान की प्रगति के लिए केवल संसाधन और योजनाएं ही पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए समर्पित कर्मचारियों की भी अहम भूमिका होती है। मेडिकल कॉलेज से जुड़ी प्रक्रियाओं में उनका निरंतर प्रयास इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मनोज पानू पूर्व सैनिक हैं और सेना में सेवाएं देने के बाद उन्होंने अपने अनुभव को कार्यक्षेत्र में भी जारी रखा। अनुशासन, जिम्मेदारी और दस्तावेजी प्रक्रियाओं की समझ उनकी कार्यशैली की विशेषताएं बताई जाती हैं। इन्हीं गुणों के बल पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज से संबंधित कागजी कार्यवाही को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दिया।
हर विभाग में हों ऐसे कर्मचारी तो बदल सकती है तस्वीर
सरकारी व्यवस्थाओं में कई बार योजनाएं और परियोजनाएं कागजी प्रक्रियाओं में उलझकर लंबा समय ले लेती हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक विभाग में मनोज पानू जैसे जिम्मेदार, कर्मठ और परिणाम के प्रति समर्पित कर्मचारी हों, तो कार्यों में अनावश्यक देरी कम हो सकती है और आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकता है।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का संचालन क्षेत्र के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है। इस दिशा में पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले कर्मचारियों के योगदान को भी पहचान मिलनी चाहिए।
मनोज पानू की कार्यनिष्ठा इस बात का उदाहरण है कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे केवल बड़े नाम नहीं, बल्कि जमीन पर लगातार मेहनत करने वाले लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि उनकी मेहनत ही संस्थानों को आगे बढ़ाने में वास्तविक भूमिका निभाती है।।
