सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री धामी जिलाधिकारियों को तहसीलों के औचक निरीक्षण के निर्देश, 30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर विशेष फोकस चम्पावत में डीएम मनीष कुमार ने की जिला स्तरीय समीक्षा, 20 शिकायतें लंबित
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री धामी
जिलाधिकारियों को तहसीलों के औचक निरीक्षण के निर्देश, 30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर विशेष फोकस
चम्पावत में डीएम मनीष कुमार ने की जिला स्तरीय समीक्षा, 20 शिकायतें लंबित
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी विभागवार समीक्षा कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का विश्लेषण करते हुए उनके स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने तथा दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने तथा राजस्व मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने देने को कहा मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए पेयजल संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने तथा 180 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों की नियमित विभागीय मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायत बंद करने से पहले शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति, परित्यक्ता पेंशन, पेयजल, स्ट्रीट लाइट एवं छात्रवृत्ति से संबंधित शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसका उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
चम्पावत में 20 शिकायतें लंबित, डीएम ने दिए शीघ्र निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभागवार लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए तथा शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। यदि किसी अपरिहार्य कारण से शिकायत को फोर्स क्लोज करना आवश्यक हो तो उसका स्पष्ट एवं उचित कारण दर्ज करने के साथ शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी दी जाए। निस्तारण में तथ्यों और आवश्यक साक्ष्यों का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।
डीएम ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर जनसमस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समय से समाधान होने पर आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों अथवा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विभागीय अधिकारियों को अपने स्तर पर भी नियमित रूप से जनसमस्याओं की समीक्षा करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जनपद चम्पावत में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 20 शिकायतें लंबित हैं। इनमें पुलिस विभाग, उत्तराखंड जल संस्थान एवं राजस्व विभाग की 3-3, प्राथमिक शिक्षा एवं कृषि विभाग की 2-2 तथा उरेडा, उत्तराखंड यातायात पुलिस, परिवहन, पर्यटन, नगर पालिका, माध्यमिक शिक्षा एवं सिंचाई विभाग की 1-1 शिकायत शामिल है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित शिकायतों पर तत्परता से आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन को शासन एवं प्रशासन की जनकल्याणकारी व्यवस्थाओं का समय पर लाभ मिल सके।
बैठक में डीएफओ धिनो पुरुषोत्तमन, परियोजना निदेशक अजय सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी दीपकीर्ति तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान आरपी डोभाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हितेश कांडपाल, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, सहायक जिला समाज कल्याण अधिकारी किशन चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी महेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।।

