आपदा राहत में जुटे इंजीनियर से मारपीट का आरोप, पूर्व विधायक समेत चार पर कार्रवाई की मांग महासंघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, हत्या के प्रयास व सरकारी कार्य में बाधा का लगाया आरोप; अभियंताओं ने किया अनिश्चितकालीन कार्यस्थल बहिष्कार
आपदा राहत में जुटे इंजीनियर से मारपीट का आरोप, पूर्व विधायक समेत चार पर कार्रवाई की मांग
महासंघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, हत्या के प्रयास व सरकारी कार्य में बाधा का लगाया आरोप; अभियंताओं ने किया अनिश्चितकालीन कार्यस्थल बहिष्कार
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। लेवड़ा नदी में आई बाढ़ के बाद आपदा राहत कार्यों में जुटे अपर सहायक अभियंता इंजी. राजीव गौड़ के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं भाजपा नेता राजेश कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। महासंघ ने आरोप लगाया कि बाजपुर में कार्यस्थल निरीक्षण के दौरान राजीव गौड़ के चेहरे पर मिट्टी-कीचड़ पोती गई और उनके साथ मारपीट की गई। संगठन ने दावा किया कि घटना के समय एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद थे।
महासंघ के मुताबिक राजीव गौड़ 6 सितंबर को लेवड़ा नदी में आई बाढ़ से जुड़े आपदा राहत कार्यों में लगे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक प्रत्याशी राजेश कुमार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता एवं मारपीट की गई। महासंघ ने इसे आपदा राहत कार्यों में लगे सरकारी कर्मचारी के साथ गंभीर दुर्व्यवहार बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी कार्य में बाधा का लगाया आरोप
ज्ञापन में महासंघ ने राजेश कुमार के साथ हरेन्द्र यादव, शेखर कश्यप और अन्य लोगों के खिलाफ आपदा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के साथ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित स्थल गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि राजेश कुमार बाजपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे हैं। संगठन ने इसे घटना के पीछे पूर्वनियोजित उद्देश्य होने का संकेत बताया है।
अभियंताओं में आक्रोश, अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
महासंघ ने कहा कि आपदा राहत कार्य के दौरान अभियंता के साथ हुई घटना से जिलेभर के अभियंताओं में आक्रोश है। संगठन का कहना है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा नहीं मिलने के कारण अभियंता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके विरोध में महासंघ के सदस्यों ने अनिश्चितकालीन कार्यस्थल बहिष्कार शुरू कर दिया है।
महासंघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, विभागीय अधिकारियों के खिलाफ आपदा अधिनियम में दर्ज मुकदमे को वापस लेने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए और अभियंताओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।।

