कांग्रेसी नेता मोहन खेड़ा,पार्षद परवेज कुरैशी सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रूद्रपुर। ओवरलोड डंपरों के खिलाफ सड़क पर उतरकर मोर्चा खोलना कांग्रेस नेताओं को भारी पड़ गया मामला अब थाने तक पहुंच चुका है और पुलिस ने कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा, कांग्रेस पार्षद परवेज कुरैशी सहित 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हैरानी की बात यह रही कि इस मुकदमे की जद में कुछ पत्रकार भी आ गए हैं, जो केवल विरोध की कवरेज करने मौके पर पहुँचे थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से रूद्रपुर और आसपास के इलाकों में ओवरलोड डंपरों की वजह से लगातार हादसे हो रहे थे।
इस पर नाराज होकर कांग्रेस नेताओं ने खुलकर मोर्चा खोलते हुए इंदिरा चौक के पास कुछ ओवरलोड डंपरों को रोककर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी यहां तक कि धर्म कांटे पर डंपरों का वजन तौला गया जिसमें तय मानक से अधिक भार पाया गया कांग्रेस नेताओं के इस अभियान की कवरेज के लिए मौके पर कई पत्रकार भी पहुँचे और उन्होंने घटनाक्रम की लाइव कवरेज भी की अब वही विरोध कांग्रेसियों और पत्रकारों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
बरेली निवासी डंपर चालक रामप्रकाश ने पुलिस को दी तहरीर में गंभीर आरोप लगाए हैं। चालक का कहना है कि 28 अगस्त 2025 को वह अपने डंपर संख्या यूपी 25 एफटी 8597 में डिल्लन क्रेशर, छोई मोड़ से रेत भरकर बरेली जा रहा था। इंदिरा चौक से आगे किच्छा रोड पर अचानक कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा और पार्षद परवेज कुरैशी अपने 10 15 साथियों के साथ आ धमके और गाड़ी को रोक लिया तहरीर के मुताबिक आरोप है कि उक्त लोगों ने चालक को जबरन गाड़ी से बाहर खींच लिया और गाली-गलौज करने लगे चालक का दावा है कि उनसे धमकी दी गई कि अगर वह हर 10-15 दिन में खर्चा नहीं देगा तो उसका रेत-बजरी का काम बंद करवा दिया जाएगा इतना ही नहीं आरोपितों ने जबरन गाड़ी और माल के कागज भी चेक किए चालक के अनुसार सभी कागजात सही थे और गाड़ी अंडरलोड थी।
रामप्रकाश ने कहा कि आरोपित लगातार दबाव और धमकी दे रहे थे जिससे स्थिति बिगड़ गई चालक का कहना है कि मौके पर हालात बिगड़ने लगे थे और यदि पुलिस समय पर न पहुँचती तो उसकी जान को गंभीर खतरा था पुलिस ने चालक की तहरीर पर जबरन वाहन रोकने धमकी देने और अवैध वसूली की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी फिलहाल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज इस मुकदमे ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा कर दी है। वहीं, विरोध की कवरेज करने वाले पत्रकारों के भी मुकदमे की जद में आने से पत्रकार जगत में रोष है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे तो सिर्फ जनहित में ओवरलोड डंपरों का विरोध कर रहे थे ऐसे में उन पर केस दर्ज होना लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात है।।