Tuesday, October 13, 2026
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ऊधम सिंह नगर

AI टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता से युवा पीढ़ी की सीखने की क्षमता पर असर: कुमकुम मिश्रा

AI टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता से युवा पीढ़ी की सीखने की क्षमता पर असर: कुमकुम मिश्रा

किताबों और समाचार-पत्रों की जगह ले रही डिजिटल तकनीक, संस्कृति और परंपराओं से दूर होने की जताई चिंतासौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच युवा पीढ़ी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ती निर्भरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मेधाः मई-2026 में प्रकाशित अपने लेख ‘AI टेक्नोलॉजी की गिरफ्त में आती युवा पीढ़ी’ में राजनीति विज्ञान की एमए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा कुमकुम मिश्रा ने तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल, पुस्तकों और समाचार-पत्रों के प्रति घटती रुचि तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से युवा पीढ़ी की दूरी पर चिंता व्यक्त की है।कुमकुम मिश्रा ने अपने लेख में कहा है कि आधुनिकता और बाजारवाद के बढ़ते प्रभाव के बीच युवा पीढ़ी स्मार्टफोन और AI आधारित प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भर होती जा रही है। ChatGPT, Meta AI और Google Gemini जैसे प्लेटफॉर्म ने सूचनाओं और समस्याओं के समाधान तक पहुंच आसान बनाई है, लेकिन इनके अत्यधिक इस्तेमाल से युवाओं में स्वयं सोचने, पढ़ने और प्रयास करने की प्रवृत्ति प्रभावित होने की आशंका भी है।

लेख में उन्होंने समाचार-पत्रों और पुस्तकों के प्रति बदलती रुचि का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग सामूहिक रूप से अखबार पढ़ते थे और विद्यार्थी किताबों के माध्यम से ज्ञान अर्जित करते थे। अब स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने पढ़ने की पारंपरिक आदतों को काफी हद तक प्रभावित किया है। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग करते समय युवाओं को अपनी स्वतंत्र सोच, अध्ययन की आदत और सीखने की क्षमता बनाए रखनी चाहिए।

हालांकि, कुमकुम मिश्रा ने AI और आधुनिक तकनीक को पूरी तरह गलत नहीं माना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग विकास के नए अवसर प्रदान करता है। डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था जैसी सुविधाओं ने कई कार्यों को आसान बनाया है। जरूरत इस बात की है कि तकनीक का उपयोग मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाए, न कि व्यक्ति को पूरी तरह उस पर निर्भर बना दिया जाए।

लेख के निष्कर्ष में उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और तकनीक को केवल सहायता के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने आर्यभट्ट, श्रीनिवास रामानुजन और कौटिल्य जैसे विद्वानों का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्ञान, जिज्ञासा और निरंतर प्रयास किसी भी व्यक्ति की वास्तविक ताकत हैं। कुमकुम मिश्रा का संदेश है कि AI आधुनिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, लेकिन युवाओं को अपनी मौलिक सोच, पुस्तकों से जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत को भी महत्व देना चाहिए। तकनीक का सही उपयोग तभी सार्थक होगा, जब उसके साथ मानवीय विवेक और जिम्मेदारी भी बनी रहे।।

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