ऊधम सिंह नगरस्वास्थ्य

पैर पसार रहा डेंगू और वायरल बुखार  नगर निगम नहीं कर रहा छिड़काव ‘जलभराव’ से बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप

सौरभ गंगवार

रूद्रपुर। डेंगू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया है। शासन के आदेशों के बावजूद मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए धरातल पर खानापूर्ति की जा रही है। महज कुछ वार्डों में ही छिड़काव करके नगर निगम अपनी कर्तव्यों की इतिश्री कर रहा है। अभी भी कई बस्तियों में जलभराव है। कई जगह नालियां चोक पड़ी हैं जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में डेंगू कहर बरपा सकता है।

शहर के अस्पतालों में इन दिनों वायरल बुखार और डेंगू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की भरमार है। रोजाना सैकड़ों मरीज अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।डेंगू के लक्षणों के चलते कई मरीजों की प्लेटलेट्स गिर रही हैं। अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन उदासीन बना है। दवा का छिड़काव नाम मात्र के लिए हो रहा है। डेंगू की रोकथाम के लिए पिछले दिनों शासन ने नगर निकायों को मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव करने के स्पष्ट निर्देश दिये थे लेकिन नगर निगम छिड़काव के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रहा है। जिसके चलते बस्तियों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू मलेरिया जैसी बिमारियां का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुयी है। जिले में हालाकि अभी डेंगू मरीजों का आंकड़ा जारी नहीं हुआ है लेकिन इन दिनों सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों तक डेंगू जैसे लक्षणों वाले मरीजों का तांता लगा हुआ है। तेज बुखार, सिरदर्द, हाथ पैरों में दर्द की शिकायत लेकर मरीज डाक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।

डेंगू बुखार के लक्षण

रूद्रपुर। साधारण डेंगू बुखार में मरीज को करीब पांच से सात दिन तक रहता है। इसमें ठंड लगने के साथ तेज बुखार होता है।साथ ही सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होता है। मरीज को भूख लगनी बंद हो जाती है और बहुत कमजोरी आ जाती है। जबकि मरेजिक यानी डीएचएफ डेंगू बुखार में मरीज के नाक और मसूड़ों से खून आने लगता है। शौच या उल्टी करने पर भी खून आता है और चेहरे पर नीले और काले रंग के निशान पड़ जाते हैं। इसी तरह शॉक सिंड्रोम यानी डीएसएस डेंगू बुखार में तेज बुखार होने के बावजूद मरीज की त्वचा ठंडी रहती है। मरीज का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और मरीज में बेहोशी के लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं।

डेंगू बुखार से बचाव के उपाय

छोटे डिब्बो व ऐसे स्थानो से पानी निकालें जहॉं पानी बराबर भरा रहता है।

कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदले।

घर में कीट नाशक दवायें छिडके।

बच्चों को ऐसे कपडे पहनाये जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहे।

सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

मच्छर भगाने वाली दवाईयों/वस्तुओं का प्रयोग करें।

टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें।

आवश्यकता होने पर जले हूये तेल या मिट्टी के तेल को नालियों में तथा इक्कट्ठे हुये पानी पर डाले।

रोगी को उपचार हेतु तुरन्त निकट के अस्पताल व स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाएँ।।

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