उत्तराखंड उच्च न्यायालय समेत प्रदेश के न्यायालयों को धमकी के बाद हाई अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
ईमेल के माध्यम से उत्तराखंड उच्च न्यायालय समेत अन्य न्यायालयों को मिली धमकियों के बाद पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड की ओर से पूरे प्रदेश के सभी न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यालय द्वारा पूर्व में भी सभी जनपदों को माननीय न्यायाधीशों, न्यायालयों और न्यायालय परिसरों की सुरक्षा का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने तथा चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए थे। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाने के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी कर उनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जारी प्रमुख निर्देश:
सभी जनपदों में स्थित न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस/पीएसी बल को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों सहित तैनात किया जाए।
न्यायालयों के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर पहचान पत्र के आधार पर प्रवेश-निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर सके।
न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कंट्रोल की व्यवस्था की जाए तथा प्रवेश द्वारों पर आने वाले व्यक्तियों की सघन स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई एवं अन्य पुलिस बल की तैनाती की जाए।
न्यायाधीशों एवं न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क किया जाए।
प्रत्येक जनपद में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को न्यायालय परिसरों के निकट तैनात किया जाए।
न्यायालय की कार्यवाही प्रारंभ होने से पूर्व प्रतिदिन प्रातःकाल बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वाड द्वारा एंटी-सबोटाज (AS) चेकिंग कराई जाए।
न्यायालय परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा परिसर में निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की नियमित जांच भी की जाए।
संभावित खतरों को देखते हुए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए तथा आपातकालीन निकास योजना तैयार कर उसका अभ्यास कराया जाए।
उक्त निर्देशों के माध्यम से प्रदेश में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को बहुस्तरीय एवं प्रभावी बनाने की दिशा में व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।।

